परिचय

प्राचीनकाल में हिंदुस्तान की अधिकांश जनसँख्या शत प्रतिशत छोटे गाँव एंव ढाणियों में निवास करती रही है, हिन्दुस्तान मध्यकाल में मुगलों के अधीन एवं अंग्रेजी शासन के अधीन हो गया था, उक्त समय की शासन व्यवस्था राज्य एवं रियासत की राजधानी मुख्यालय तक सीमित थी, अधिकांशत: ग्रामीण वंशानुगत पंचों के माध्यम से अपने जीवन के परिवेश के लिए क़ानून निर्माण कर जीवन जी रहे हैं और पंचों को परमेश्वर मानते आ रहे हैं।
महात्मा गाँधी ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान के साथ साथ ग्राम स्वराज व्यवस्था (राम राज्य) की शासन से करते रहे हैं, राम राज्य के अंतर्गत ग्राम के गरीब से गरीब और अमीर से अमीर ग्राम विकास में सभी का सामान योगदान रहे, इसके साथ गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के आधार पर देश को अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के महत्वपूर्ण योगदान से 15 अगस्त 1947 को विदेशी शासन से मुक्त करवाया।
देश की आज़ादी के जश्न में भारत के सभी नागरिक शामिल थे किन्तु ग्राम स्वराज के संकल्प के कारण जश्न में शामिल ना हो कर गरीबों के हितों के लिए उनके बीच कार्य करते रहे।
30 जनवरी 1948  को गाँधी जी की हत्या कर दी गई थी, महात्मा गांधी के संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से संविधान निर्मात्री सभा ने सभी विदेशी शासन का अध्ययन कर भारतीय संविधान की मुख्य विशेषता में विकेंद्रीकरण गणराज्य व्यवस्था को लागू किया गया, और नितीत निर्देशक तत्वों में संविधान के अनुच्छेद चालीस में पंचायत व्यवस्था को शामिल किया गया। इसी आधार से तत्कालीन देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने राजस्थान के नागौर जिले में गाँधी जी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर 1959 को पंचायती राज व्यवस्था का शुभारम्भ किया इस व्यवस्था के अनुरूप पंचायती राज त्रि-स्तरीय व्यवस्था में द्वतीय स्तर पर पंचायत समिति सवाई माधोपुर का गठन हुआ जिसका प्रथम प्रधान श्री रामकुमार बुजोथिया को निर्वाचन प्रक्रिया को चुना गया और प्रथम विकास अधिकारी श्री रूप राम व्यास को नियुक्त किया गया, उक्त स्वत्त्साशी संस्था को विकास हेतु राज्य सरकार से प्रथम अनुदान की राशि सडसठ हज़ार तीन सो चालीस रूपये प्राप्त हुई।
संविधान के तेहत्तरवें संशोधन अधिनियम 92 में भारत गजेट के प्रकाशन के पश्चात 24 अप्रैल 1993 से समूचे भारत देश में समान रूप से पंचायती राज व्यवस्था को लागू किया गया संविधान के भाग नौ में पंचायत अध्याय जोड़ा गया जिसके अंतर्गत पंचायत राज व्यवस्था को तीसरे स्तर की सरकार माना गया है।
आज सवाई माधोपुर पंचायत समिति में 21 पंचायत समिति सदस्य हैं और समिति के अंतर्गत 30 ग्राम पंचायत हैं ।
इस अधिनियम के बाद पांचवी पंचायत समिति का गठन हो चूका है जिसके प्रधान श्री सूरजमल बैरवा और विकास अधिकारी राजस्थान विकास सेवा की डॉ. सरोज बैरवा नियुक्त है।

(टूंडाराम मीना, प्रगति प्रसार अधिकारी – पंचायत समिति सवाई माधोपुर)